राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल में आपका स्वागत है


राजस्थान सरकार ने सन 1973 मे एक प्रशासनिक आदेश से राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के गठन एवं राजस्थान संस्था पंजीकरण अधिनियम 1958 के अंतर्गत पंजीकृत संस्था के रूप मे इसे स्वायत्तता प्रदान करने का निर्णय लिया | तदनुसार मंडल का पंजीकरण एक संस्था के रूप मे दिनांक 29.12.1973 को हुआ और 01.01.1974 को यह संस्था विधिवत अस्तित्व मे आई |

पाठ्यपुस्तक मंडल का मुख्य उद्देश्य राजकीय एवं राजस्थान सरकार से संबध विद्यालयों मे अध्ययनरत कक्षा 1 से 8 के विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित पाठ्य पुस्तको का मुद्रण एवं वितरण कराना है | राज्य सरकार की नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण योजना के अंतर्गत मंडल द्वारा सभी जिलों के राजकीय विद्यालयों मे वितरण हेतु नि: शुल्क श्रेणी की पुस्तके ग्राम पंचायत स्थित नोडल केंद्रों तक पहुचई जाती है जहाँ से शाला प्रधान इन्हे प्राप्त करते है | बिक्री श्रेणी की पुस्तकें 33 जिलों मे स्थित मंडल के वितरण केंद्रों पर पंजीकृत पुस्तक विक्रेताओं के माध्यम से राजस्थान सरकार से सम्बद्ध विद्यालयों एवं निजी संस्थाओं को उपलब्ध कराई जाती हैं |

 राज्य सरकार के आदेश  क्रमांक p5(8) Edu.-1/Ele.Edu./2010   दिनांक 27-09-2010 के द्वारा  कक्षा 9 से 12 की पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण एवम् वितरण का कार्य राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल को सौंपा गया है| पाठ्यक्रम  निर्धारण एवम् निर्माण का कार्य पूर्व की भाँति माध्यमिक शिक्षा बोर्डराजस्थान द्वारा ही किया जाएगा|